मोदी सरकार ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया: दलित सांसद डॉ यशवंत सिंह

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लखनऊ: बीजेपी के एक और दलित सांसद का सरकार पर हमला बोला है. यूपी के नगीना से सांसद डॉ यशवंत सिंह ने पीएम को पत्र लिख कर जताई नाराजगी है.

जिसमें उन्होंने पीएम पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार में पिछले चार साल में दलितों के लिए एक भी काम नहीं हुआ. इस चिट्ठी में दलित नेता ने पीएम मोदी से एससी/एसटी एक्ट में कोर्ट के फैसले के खिलाफ पैरवी करने और दलित समाज के हितों को विशेष ध्यान रखते हुए बिल पास कराने की मांग भी की है.

सांसद डॉ. यशवंत सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखते हुए आरक्षण को जीवन दायिनी हवा बताया. उन्होंने कहा इसके बिना भारत में दलित समाज और पिछड़े वर्ग का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा.

सांसद ने लिखा, मैं दलित समाज के जाटव समाज का एक सांसद हूं. आरक्षण के कारण ही मैं सांसद बन पाया हूं. जब मैं चुनकर आया था उसी समय मैंने स्वयं आपसे मिलकर प्रमोशन में आरक्षण हेतु बिल पास करवाने का अनुरोध किया था.

SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर भी सांसद डॉ. यशवंत सिंह ने चिट्ठी में अपनी राय रखी. उन्होंने लिखा, कोर्ट में इस समाज का कोई प्रतिनित्व नहीं है, जिस वजह से कोर्ट हर समय हमारे विरुद्ध नए-नए निर्णय देकर हमारे अधिकारों को खत्म कर रहा है. ये समाज सरकार की अच्छी नीति के बगैर तरक्की नहीं कर सकता.

सांसद ने अपने पत्र में कहा कि कृपया दलित समाज के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए आरक्षण बिल पास कराएं. बैकलॉग की भर्तियां निकलवाएं, उन्हें भरवाएं और प्राइवेट नौकरियों में भी आरक्षण लागू कराए तथा एससी/एसटी एक्ट में कोर्ट के फैसले के खिलाफ पैरवी करके इस निर्णय को पलटवाएं.

बीजेपी के दलित सांसद अपने समाज की रोज-रोज की प्रताड़ना के शिकार हैं और जवाब देना मुश्किल हो रहा है. डॉ सिंह ने कहा कि सरकार विशेष भर्ती अभियान के जरिए बैकलॉग पूरा कराए, प्रमोशन में आरक्षण दिलाए और निजी क्षेत्र में आरक्षण हो. पत्र में एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को पैरवी कर पलटवाने की अपील भी की गई है.

अब तक छह सांसद अपना विरोध जता चुके है जिसमें उदित राज, सावित्री फुले, छोटे लाल, अशोक कुमार दोहरे, डॉ यशवंत सिंह और अब डॉ यशवंत सिंह शामिल हैं.

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