अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट ने प्राधिकरण को सौंपा नक्शा, ये होगा निर्माण

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नई दिल्ली:

अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट-इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अयोध्या के धन्नीपुर में अपनी प्रस्तावित परियोजना के नक्शे की ड्राइंग सोमवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंप दी है. अयोध्या फैसले के तहत धन्नीपुर में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई 5 एकड़ भूमि पर एक मस्जिद और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी हैं. ट्रस्टी कैप्टन अफजाल अहमद खान ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट की प्रस्तावित परियोजना के बारे में चर्चा की, जिसमें 300 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एक सामुदायिक रसोई जो रोजाना लगभग एक हजार लोगों को खिलाएगी, एक अनुसंधान केंद्र जो समर्पित है महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद मौलवी अहमदुल्ला शाह के नाम और एक मस्जिद जो एक बार में दो हजार नमाजियों को समायोजित करें आदि शामिल हैं. 

ट्रस्टी कैप्टन अफजाल अहमद खान ने बताया कि 11 सेटों में नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह को सौंपे गए हैं. ट्रस्ट ने मानचित्र की स्वीकृति के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में 89 हजार रुपये भी जमा करा दिए हैं. ट्रस्टी कैप्टन अफजाल ने आगे बताया कि परियोजना का नक्शा आकार में बड़ा है और सामान्य मानचित्रों से बहुत अलग है, इसलिए इसे ऑनलाइन अप्लाई नहीं किया जा सका है, इसलिए अयोध्या विकास प्राधिकरण से मानचित्र को ऑफलाइन स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है.

कैप्टन अफजाल ने आयकर विभाग द्वारा इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन को 80G का टैक्स छूट प्रमाणपत्र जारी न करने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि इसके कारण ट्रस्ट के लिए दान रुका हुआ है और यह हमारी परियोजना को शुरू करने में बाधा बन रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया.

राम मंदिर के शिलान्यास पर नौ ‘शिला’ स्थापित

आपको बता दें कि  पिछले साल 5 अगस्त को भूमि पूजन समारोह के दौरान राम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूजा की गई नौ पवित्र शिलाओं, चांदी और तांबे के कलशों को सोमवार को मंदिर के गर्भ गृह (गर्भगृह) की नींव पर रखा गया है. नौ शिलाओं की स्थापना से पहले राम जन्मभूमि स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष प्रार्थना की गई. नन्द, अजिता, अपराजिता, भद्रा, रिक्त, जया, शुक्ल, पूर्णा और सौभाग्यनी नामक सभी नौ शिलाएं स्थापित की गईं. इसके बाद कूर्म या चांदी का कछुआ, नाग, नागिन, नवरत्न जड़ित कमल का फूल, बकुल के पेड़ की जड़ों से बने गुच्छों और चांदी के फूलदान को भी स्थापित किया गया. 

40 फीट गहरी नींव बनाने के लिए मंदिर स्थल पर खुदाई जारी है, जो 400 फीट लंबी और 300 फीट चौड़ी होगी. यह हाइड्रोलाइटिक स्थिरता प्रदान करने के लिए इंजीनियर फिल्म सामग्री की 44 परतों से भरा होगा. ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कहा कि 300 मिमी इंजीनियर फिल्म की दो परतें रखी गई हैं. निर्माण ने गति पकड़ ली है और सभी नींव परतों को मानसून से पहले रखा जाएगा.

आपको बता दें कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण एलएंडटी कंपनी कर रही है. फिलहाल मंदिर की नींव का काम चल रहा है. मंदिर का नक्शा भी पास किया जा चुका है. नक्शे के मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर में करीब पांच एकड़ के इलाके में रामलला का मंदिर बनेगा. उसके अलावा अन्य क्षेत्र में अन्य कई मंदिर बनेंगे, यात्रियों के लिए सुविधाएं होंगी, म्यूजियम, लाइब्रेरी जैसे स्थानों का भी निर्माण करवाया जाएगा. और मंदिर निर्माण के लिए देशभर में चंदा जमा किया गया. 

44 दिनों तक अभियान चलाकर चंदा लिया गया. लोगों ने भी दिल खोलकर मंदिर के लिए दान दिया. ट्रस्ट के मुताबिक, चंदा अभियान में करीब 2100 करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा हुआ है.  ट्रस्ट के मुताबिक, करीब 10 लाख टोलियों में 40 लाख कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी अभियान चलाया. देश भर से लोगों ने इसके लिए दान दिया. लोगों ने अंतिम दिन तक ट्रस्ट को राम मंदिर के लिए दान दिया.



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