कर्नाटक में सामने आए कोरोना संक्रमण के 26,811 नये मामले, ब्लैक फंगस को रोकने के लिए दिए गए स्टेरॉयड नहीं देने के सुझाव

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बेंगलुरुः कर्नाटक में बुधवार को कोविड-19 के 26,811 नये मामले सामने आए जबकि 530 और मरीजों की मौत हो गई जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 24,99,784 और मृतक संख्या बढ़कर 26,929 हो गई. यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी. विभाग ने बताया कि दिन में 40,741 और मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। विभाग के अनुसार आज भी ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कोविड-19 के नये मामलों से अधिक थी.

बुधवार को सामने आए कोविड-19 के नये मामलों में से 6,433 बेंगलुरु शहर के थे. वहीं शहर में 18,342 और मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई जबकि 285 मरीजों की मौत हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा कि 26 मई की शाम तक राज्य में सामने आये कोविड-19 के कुल 24,99,784 मामलों में 26,929 मौत के मामले और ठीक हो चुके 20,62,910 मरीज शामिल हैं. वर्तमान में राज्य में कोरोना एक्टिव संक्रमितों की संख्या 4,09,924 है.

कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस के मामले भी बढ़े दिख रहे हैं. जिसे लेकर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने बुधवार को राज्य के डॉक्टरों को कोविड संक्रमण के पहले सप्ताह में मरीजों को स्टेरॉयड नहीं दिए जाने का सुझाव दिया. मंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस (काला कवक) से निपटने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक जिला अस्पताल में ‘पोस्ट कोविड केयर वार्ड’ स्थापित करने का भी निर्णय लिया है.

सुधाकर ने पत्रकारों से कहा, ‘विशेषज्ञों से व्यपाक चर्चा करने के बाद इस विषय पर हमारी समझ बिल्कुल स्पष्ट है. मैंने डॉक्टरों से संक्रमण के पहले सप्ताह में मरीजों को स्टेरॉयड नहीं देने की अपील की है और इसका उपयोग दूसरे सप्ताह में ही किया जाए.’ उन्होंने कहा कि अनियंत्रित शुगर वाले मरीजों को स्टेरॉयड देने से उनका मधुमेह और बढ़ जाता है, जिसके कारण ब्लैक फंगस का खतरा बन जाता है. कर्नाटक में ब्लैक फंगस के 481 मामले सामने आ चुके हैं. 

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