कोविड-19 मरीजों के इलाज में रेमडेसिविर के सही इस्तेमाल के लिए दिशा-निर्देश जारी

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कोरोना के इलाज के लिए रेमडेसिविर के तर्कसंगत इस्तेमाल के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, AIIMS और ICMR ने संयुक्त रूप से इस साल 23 अप्रैल को एक गाइडेंस/एल्गोरिदम के रूप में कोविड-19 रोगियों के प्रबंधन के लिए उपचार दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ये गाइडलाइन/एल्गोरिदम को समझना,  प्रैक्टिस करना आसान है और इसका व्यापक रूप से पालन किया जाता है. लेकिन ये गाइडलाइन/एल्गोरिदम रेमडेसिविर के दुरुपयोग या ज्यादा प्रयोग को नहीं रोकता है. इस गाइडलाइन का उद्देश्य इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन दवा रेमेडिसविर के तर्कहीन इस्तेमाल, जरूरत से से ज्यादा इस्तेमाल, एक्सपेरिमेंटल यूज़ को रोकना है.

डीजीएचएस की अध्यक्षता में जॉइंट मोनिटरिंग ग्रुप ने इस एडवाइजरी जारी किया है. The ‘Adaptive Covid – 19 Treatment [GM1] Trial’ में पाया गया कि मध्यम से गंभीर मामलों में रेमडेसिविर उपयोगी है, अगर कोविड-19 के मामलों में SpO2 <94% कमरे की हवा में अगर ये बीमारी के 7 से 10 दिनों के भीतर प्रशासित किया जाता है.

रेमडेसिविर ने रैंडमाइजेशन से रिकवरी (प्लेसीबो के साथ 10 दिन, बनाम 15 दिन) तक का औसत समय कम कर दिया और हो सकता है कि अस्पताल से छुट्टी तक का समय कम हो गया हो, लेकिन मृत्यु दर का लाभ नहीं दिखा. WHO द्वारा मार्च 2020 से 30 देशों में आयोजित ‘सॉलिडैरिटी ट्रायल’ 405 अस्पताल में  11330 वयस्कों पर हुआ; 2750 को रेमडेसिविर दिया गया. ‘WHO सॉलिडेरिटी ट्रायल’ के अंतरिम नतीजे दिसंबर 2020 को प्रकाशित हुए और पता चला कि रेमेडिसविर का COVID-19 के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों पर बहुत कम या कोई प्रभाव नहीं पड़ा.

ऊपर की दृष्टि में:

  1. रेमडेसिविर का उपयोग केवल चुनिंदा मध्यम या गंभीर अस्पताल में भर्ती कोविड 19 रोगियों में पूरक ऑक्सीजन पर किया जाना है क्योंकि यह केवल सीमित वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन के तहत अनुमोदित एक आरक्षित दवा है विश्व स्तर पर.
  2. हल्के कोविड-19 रोगियों में इसको नहीं दिया जाता है जो होम केयर/कोविड केयर सेंटर में हैं.
  3. डाक्टरों को सलाह दी जाती है कि वे इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए इस रिजर्व, एक्सपेरिमेंटल और इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन दवा रेमडेसिविर का उपयोग करने में अत्यधिक सावधानी बरतें क्योंकि यह केवल एक एक्सपेरिमेंटल दवा है कोविड में, जिसमें नुकसान की संभावना है. साथ ही अपेक्षाकृत उच्च लागत और सीमित उपलब्धता है इसका.

इसके अलावा, रेमडेसिविर के दुरुपयोग को रोकने के लिए अतिरिक्त सिफारिश की गई है –

– रेमडेसिविर को मरीज की देखभाल में सीधे शामिल वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर/विशेषज्ञों द्वारा ही सलाह दी जानी चाहिए.

– यदि विषम घंटों के दौरान रेमडेसिविर को सलाह या  देना हो तो, ड्यूटी डॉक्टर द्वारा विशेषज्ञ, यूनिट इंचार्ज या सीनियर फैकल्टी मेंबर के साथ टेलीफोन पर परामर्श के बाद

– रेमडेसिविर के लिए प्रिस्क्रिप्शन लिखा होना चाहिए और संबंधित डॉक्टर का नाम, हस्ताक्षर और मुहर होनी चाहिए.

– हर अस्पताल को स्पेशल ड्रग कमिटी विशेष (एसडीसी) गठित करना होगा जो कि रेमडेसिविर के उपयोग की समय-समय पर करेगा। वहीं इस स्पेशल ड्रग कमिटी विशेष (एसडीसी) के सदस्य के रूप में फार्माकोलॉजी प्रोफेसर या फैकल्टी जहां कहीं भी उपलब्ध हो.

– ड्रग कमिटी विशेष (एसडीसी) को समय-समय पर अपने निष्कर्षों को चिकित्सकों के साथ साझा करना चाहिए रेमडेसिविर के तर्कसंगत और विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए.

– रेमडेसिविर केवल अस्पतालों द्वारा खरीदा और उपलब्ध कराया जाना चाहिए, रोगी के अटेंडेंट या रिश्तेदारों को रिटेल मार्केट से रेमडेसिविर खरीदने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए.