चीन से तनातनी के बीच पूर्व रक्षा मंत्रियों से मिले राजनाथ सिंह, जानिए क्या हुई बात

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<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले शुक्रवार को दो पूर्व रक्षा मंत्री, शरद पवार और एके एंटनी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से राजधानी दिल्ली में एक खास मीटिंग की. इस मीटिंग में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे भी मौजूद रहे. माना जा रहा है कि इस मुलाकत में पूर्वी लद्दाख में चीन से चल रहे विवाद और एलएसी की वस्तुस्थिति के बारे में दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों को विस्तृत जानकारी दी गई.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">रक्षा मंत्री या फिर रक्षा मंत्रालय की तरफ से इस मीटिंग को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन संसद के सत्र से ठीक पहले दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों की चीन से चल रहे विवाद पर हुई इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. आपको बता दें कि सोमवार से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है और विपक्ष चीन से चल रहे तनाव पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">दो दिन पहले ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी रक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक में चीन से चल रहे मुद्दों को उठाया था. लेकिन उस दौरान बैठक में कोई चर्चा नहीं हो पाई थी. राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार की रक्षा और विदेश नीति पर सवाल उठा रहे हैं. &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">बुधवार को ही राहुल गांधी ने एक अखबार की रिपोर्ट को अपने ट्वीटर एकाउंट पर साझा करते हुए लिखा था कि मोदी सरकार की रक्षा और विदेश नीति ने भारत को कमजोर कर दिया है. हालांकिं, सेना ने आधिकारिक तौर से इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा था कि रिपोर्टर ने गलत इरादे से ये रिपोर्ट तैयार की है और रिपोर्ट में दिए गए तथ्य पूरी तरह से गलत हैं. &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय सेना ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ किया था कि फरवरी के महीने में चीन के साथ हुए डिसइंगेजमेंट समझौते के बाद से ना तो गलवान घाटी में और ना ही किसी दूसरे इलाके में कोई झड़प हुई है और ना ही दोनों देशों की सेनाओं ने विवादित इलाके में किस तरह का कब्जा किया है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय सेना के मुताबिक, भारत और चीन दोनों ही जितने भी बाकी बचे हुए विवादित मुद्दे हैं उन्हें सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं. इसके अलावा दोनों देशों के सैनिक अपने-अपने इलाकों में पेट्रोलिंग यानि गश्त भी कर रहे हैं. भारतीय सेना ने बयान में कहा कि ग्राउंड की बात करें तो स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है. बयान में कहा गया कि भारतीय सेना चीन की पीएलए सेना द्वारा अपने सैनिकों की ‘टर्नओवर’ यानि अदला-बदली सहित सभी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है.</p>