जैपाड युद्धभ्यास: भारत-अर्मेनिया की सेना ने दुश्मन पर बोला धावा, राष्ट्रपति पुतिन ने की समीक्षा

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<p style="text-align: justify;"><strong>निजनी-नोवोग्राड:</strong> रूस में चल रहे जैपेड युद्धभ्यास के दौरान सोमवार को स्ट्रेटेजिक-एक्सरसाइज के दौरान भारतीय सेना और अर्मेनिया की सेनाएं एक साथ दुश्मन पर धावा बोलती दिखाई पड़ी. इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी एक्सरसाइज की समीक्षा करने के लिए मौजूद थे. ये वही यूरेशियाई देश अर्मेनिया है जिसका पिछले साल अजरबेजान से भीषण युद्ध हुआ था. रूस की थियेटर लेवल एक्सरसाइज में यूरेशिया और दक्षिण एशिया की करीब एक दर्जन सेनाएं हिस्सा ले रही हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एक्सरसाइज के दौरान जबरदस्त गोलाबारी की गई</strong><br />जैपेड (या जैपाड) युद्धभ्यास के आखिरी चरण में सोमवार को ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक एक्सरसाइज के दौरान मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से दुश्मन के इलाके पर जबरदस्त गोलाबारी की गई. गोलाबारी से दुश्मन की मैकेनाइज्ड फोर्स यानि टैंक और इंफेंट्री कॉम्बेट व्हीकल्स (आईसीवी) को तबाह किया गया. इसके बाद ‘कोएलेशन फोर्सेज़’ ने काउंटर अटैक किया, जिसमें भारतीय सेना की नागा इंफेंट्री बटालियन ने दुश्मन की फायरिंग का जवाब दिया. इसके बाद भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड फोर्सेज़ (टैंक और बीएमपी व्हीकल्स) ने डिफेंसिव पोजिशन लेकर फायरिंग की. स्थिति मजबूत होने पर अर्मेनिया की आर्मेड फोर्स यानि टैंकों ने दुश्मन की सीमा में घुसकर जबरदस्त प्रहार किया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जैपाड एक्सरसाइज- अटैक हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल</strong><br />दरअसल, रूस के निजनी-नोवोग्राड इलाके में चल रही जैपाड एक्सरसाइज (3-16 सितंबर) है तो काउंटर-टेरेरिज्न एक्ससाइज लेकिन इसमें इंफेंट्री बटालियन से लेकर मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, आईसीवी (बीएमपी) और टैंकों तक का इस्तेमाल किया गया. युद्धभ्यास में अटैक हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल किया गया. बता दें कि रूस जैसे देश काउंटर टेरेरिज्म ऑपरेशन्स को भी युद्ध मानते हैं और आतंकियों (और उन्हें पनाह देने वालों को) दुश्मन मानकर पूरी तरह तबाह करने की रणनीति अपनाते हैं. इसीलिए पूरी फोर्स के साथ ही अटैक करते हैं. आपको बता दें कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जो कश्मीर और उत्तर-पूर्व के राज्यों में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ स्मॉल-आर्म्स यानि राइफल या फिर रॉकेट लॉन्चर ही इस्तेमाल करता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2021/09/14/c329742c4148a68b79d6862222c9d930_original.jfif" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक्सरसाइज की समीक्षा की</strong><br />सोमवार को खुद रूसी राष्ट्रपति पुतिन नोवोग्राड क्षेत्र के म्यूलिनो ट्रेनिंग ग्राउंड पहुंचे और एक्सरसाइज की समीक्षा की. उनके मौजूदगी में ही कोउलेशन-फोर्सेज़ ने फाइनल-एसॉल्ट की ड्रिल की. माना जा रहा है कि कोल्ड-वॉर के बाद रूस ने इतने बड़े स्तर की एक्सरसाइज पहली बार की है जिसमें करीब दो लाख सैनिकों ने हिस्सा लिया है (कुछ जानकार इस संख्या को अतिश्योक्ति मान रहे हैं). जैपाड का अर्थ है ‘पश्चिम, जो रूस के पश्चिमी इलाके निजनी-नोवोग्राड में चल रही है. ये इलाका रूस की राजधानी, मास्को से करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;मिलिट्री-व्हीकल और दूसरे सैन्य साजो सामान को युद्ध के मैदान में उतारा गया</strong><br />इससे पहले रविवार को रूस के निजनी में भारतीय सेना सहित सभी एक दर्जन देशों की सैन्य टुकड़ियों ने हेली-बॉर्न ड्रिल में हिस्सा लिया. इस ड्रिल में स्वार्म-हॅलीकॉप्टर के जरिए आतंकियों के खिलाफ मुहिम छेड़ना का अभ्यास किया गया. स्वार्म ऑफ हेलीकॉप्टर यानि टिड्डी-दल की तरह दिखते हेलीकॉप्टर में भारतीय सेना की नागा रेजीमेंट के घातक कमांडो ने स्लिथरिंग यानि रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से दुश्मन के इलाके में उतरने का अभ्यास किया. इन्ही हेलीकॉप्टर्स के जरिए मिलिट्री-व्हीकल और दूसरे सैन्य साजो सामान को युद्ध के मैदान में उतारा गया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नागा बटालियन की घातक कमांडो की एक प्लाटून भी शामिल</strong><br />जैपाड एक्सरसाइज में इनमें रूस, अर्मेनिया और भारत के अलावा बेलारूस, कजाकिस्तान, श्रीलंका और म्यांमार जैसे देशों की सेनाएं शामिल हैं. चीन और पाकिस्तान के ‘ऑब्रजर्वर’ भी इस युद्धभ्यास में हिस्सा लें रहे हैं. भारतीय सेना की नागा बटालियन इस एक्सरसाइज में हिस्सा ले रही है. नागा बटालियन की 200 सैनिकों की एक टुकड़ी जिसमें घातक कमांडो की एक प्लाटून भी है, युद्धभ्यास में हिस्सा ले रही है. एक्सरसाइज़ में मैकेनाइज्ड ऑपरेशन्स, एयरबोर्न एंड हेलीबोर्न, काउंटर टेरेरिज्म और कॉम्बेट-कंडिशनिंग एंड फायरिंग ड्रिल शामिल हैं. &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2021/09/14/4cb9e26abe982127e85b5e521dec5a10_original.jfif" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सांस्कृतिक-संध्या का &zwnj;आयोजन भी हुआ</strong><br />जैपेड एक्सरसाइज के दौरान शनिवार को भारतीय सेना ने सभी देशों की सैन्य टुकड़ियों के लिए एक सांस्कृतिक-संध्या का &zwnj;आयोजन भी किया था. इसमें नागा रेजीमेंट ने अपना पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया. इसके अलावा भारतीय सैनिकों ने बालीवुड एक्टर, मिथुन चक्रवर्ती के सुप्रसिद्ध गाने ‘आई एम ए डिस्को डांसर’ और ‘जिम्मी जिम्मी’ पर डांस किया. भारतीय सैनिकों ने इन गानों पर नाचना शुरू किया तो रूसी और दूसरे मध्य एशियाई देशों के सैनिक भी ताल पर झूमने लगे. क्योंकि रूस में मिथुन चक्रवर्ती और उनके गाने ‘जिम्मी-जिम्मी और ‘आई एम ए डिस्को डांसर’ बहुत लोक-प्रिय हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एससीओ मिलिट्री एक्सरसाइज: चीन-पाकिस्तान की सैन्य टुकड़ियां भी हिस्सा लेंगी</strong><br />इसी बीच खबर है कि 11 सितंबर से रूस में ही होने जा रही एससीओ मिलिट्री एक्सरसाइज (11-25 सितंबर) में चीन और पाकिस्तान की सैन्य टुकड़ियां भी हिस्सा लेने रही हैं. भारतीय सेना भी एससीओ एक्सरसाइज में हिस्सा ले रही है. गौरतलब है कि रूस हर साल एक थियेटर-लेवल की एक्सरसाइज करता है. इन एक्सरसाइज में रूस मित्र-देशों की सेनाओं को भी आमंत्रित करता आया है. इसके अलाला शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) देशों की सेनाओं का सालाना युद्धभ्यास भी रूस में होता आया है, जिसमें भारतीय सेना वर्ष 2018 से हिस्सा लेती आई है.&nbsp;</p>