निजी स्कूलों की फीस को लेकर जेवर से BJP विधायक ने लिखा CM को खत

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प्राइवेट अस्पताल के ऑडिट की मांग के बाद ग्रेटर नोएडा के जेवर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्राइवेट स्कूल की फीस माफ करने के लिए पत्र लिखा है.

Written By : मनीष चौरसिया | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 02 Jun 2021, 11:57:08 AM

निजी स्कूलों की फीस को लेकर जेवर से BJP विधायक ने लिखा CM को खत (Photo Credit: फाइल फोटो)

जेवर:

कोरोना वायरस महामारी के बीच प्राइवेट अस्पताल के ऑडिट की मांग के बाद ग्रेटर नोएडा के जेवर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्राइवेट स्कूल की फीस माफ करने के लिए पत्र लिखा है. उन्होंने कोरोना के मृतक आश्रित बच्चों की स्कूल फीस माफ करने की अपील की है. उन्होंने पत्र में अनुरोध किया है कि प्राइवेट स्कूल के ऐसे सभी बच्चों की फीस माफ की जानी चाहिए, जिनके परिवार में कमाने वाले सदस्य की कोविड से मौत हो गई हो. बीजेपी विधायक धीरेंद्र सिंह ने यह पत्र नोएडा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा है.

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बीजेपी विधायक धीरेंद्र सिंह ने पत्र में लिखा, ‘इस कोरोना महामारी के कारण अनेकों ऐसे परिवार निराश्रित हो चुके हैं, जिनकी कमाई का जरिया मात्र वह व्यक्ति था, जो बीमारी की चपेट में आने से अब इस दुनिया में नहीं रहा. इलाज में हुए खर्चा और लॉकडाउन के कारण ऐसे कई परिवार आज जीवन यापन के लिए सशंकित हैं. ऐसे में परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद उनके वह बच्चे जो  निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, उनके सामने पढ़ाई और फीस देने का संकट उत्पन्न हो गया है.’

धीरेंद्र सिंह ने आगे लिखा, ‘मैं प्रार्थना करना चाहता हूं कि प्रदेश के उन सभी बच्चों की फीस माफ किए जाने के आदेश संबंधित विभागों और संबंधित जिलाधिकारियों को देने का कष्ट करें, जिससे सरकार टूट चुके उन परिवारों का सहारा बनकर मानवीयता की एक मिसाल कायम कर सके.’

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इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन निजी अस्पतालों के ऑडिट की मांग की थी, जो कोविड संकट में मरीजों से अधिक शुल्क ले रहे हैं. धीरेंद्र सिंह ने कहा था, ‘मैंने किसी विशेष अस्पताल के खिलाफ शिकायत नहीं की है. डॉक्टर महामारी के दौरान नायकों की तरह काम कर रहे हैं, लेकिन कई निजी अस्पताल अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को भूल गए हैं. यह उनकी अंतरात्मा को जगाने का समय है, ऐसे अस्पतालों के लिए एक ऑडिट की आवश्यकता है, जिन पर अधिक शुल्क लेने का आरोप है.’ 



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First Published : 02 Jun 2021, 11:57:08 AM

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