नितिन गडकरी ने किया खादी प्राकृतिक पेंट इकाई का उद्घाटन, गाय के गोबर से बना है ये पेंट

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<p style="text-align: justify;"><strong>जयपुर:</strong> सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को गाय के गोबर से बने भारत के पहले और एकमात्र पेंट &lsquo;खादी प्राकृतिक पेंट&rsquo; की जयपुर स्थित नई स्वचालित विनिर्माण इकाई का वर्चुअल उद्घाटन किया. उन्होंने खुद को खादी प्राकृतिक पेंट का "ब्रांड एंबेसडर" बताते हुए कहा है कि वे इसे देश भर में बढ़ावा देंगे, ताकि युवा उद्यमियों को गोबर से बनने वाले पेंट के निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.</p>
<p style="text-align: justify;">इस अवसर पर गडकरी ने 1000 लीटर खादी प्राकृतिक पेंट (500 लीटर डिस्टेंपर और इतना ही इमल्शन) का ऑर्डर भी दिया, जिसका वे नागपुर में अपने आवास पर उपयोग करना चाहते हैं. नया संयंत्र कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट, जयपुर के परिसर में स्थापित किया गया है, जो खादी और ग्रामोद्योग आयोग की एक इकाई है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि लाखों करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करना भी इस विनिर्माण इकाई के उद्घाटन करने जितना सुखद और संतोषजनक नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">[tw]https://twitter.com/nitin_gadkari/status/1412288818556801026[/tw]</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने इस प्रौद्योगिकी नवाचार की सराहना की और कहा कि यह देश में ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में एक लंबा रास्ता तय करेगा. उन्होंने सफल शोध के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग की सराहना की.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि &lsquo;खादी प्राकृतिक पेंट&rsquo; में गरीब से गरीब व्यक्ति के लाभ के लिए सतत विकास पैदा करने की अपार संभावनाएं हैं और हमारा लक्ष्य हर गांव में एक प्रकृतिक पेंट इकाई स्थापित करना होना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">पहले प्राकृतिक पेंट का निर्माण एक प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट के तहत हाथों से किया जा रहा था. नई निर्माण इकाई के चालू होने से प्राकृतिक पेंट की उत्पादन क्षमता दोगुनी हो जाएगी. वर्तमान में प्राकृतिक पेंट का दैनिक उत्पादन 500 लीटर है जो प्रतिदिन 1000 लीटर तक हो जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नया संयंत्र आधुनिक तकनीक और मशीनरी से लैस है जो गुणवत्ता और एकरूपता के मामले में उत्पाद के उच्चतम मानकों को भी सुनिश्चित करेगा.</p>