रूस ने जारी बयान में कहा- अफगानिस्तान में जल्द लोकतंत्र और शांति की होनी चाहिए बहाली

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भारत में रूस के राजदूत निकोलए कुदाशेव के मुताबिक भारत भी यही चाहता है कि अफगानिस्तान में शांति और लोकतंत्र की बहाली हो लेकिन अफगानिस्तान को इसके लिए कुछ वक्त देना होगा.

निकोलए कुदाशेव ने ये बयान राजधानी दिल्ली में रूसी दूतावास और भारतीय सेना के एक साझा कार्यक्रम में दिया. रूसी राजदूत के मुताबिक, एससीओ-अफगानिस्तान ‘कंटेक्ट-ग्रुप’ में भी इस सोच का साझा किया जाता है. कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना के सह-प्रमुख (वाइस चीफ), लेफ्टिनेंट जनरल सी पी मोहंती भी मौजूद थे. शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) में भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान सहित कुल आठ देश हैं. ये ग्रुप अफगानिस्तान के संपर्क में भी रहता है.

दोनों भारतीय सैनिकों को रूस ने स्टार अवार्ड से सम्मानित किया था

द्वितीय विश्व युद्ध में रूस की विजय में एक अहम भूमिका निभाने वाले दो भारतीय सैनिक, हवलदार गजेंद्र सिंह और सूबेदार नारायण राव निकम की याद में शुक्रवार को दिल्ली कैंट स्थित भारतीय सेना की एएससी-मैस में पौधारोपण-कार्यक्रम के दौरान रूसी राजदूत ने ये बयान दिया. इन दोनों भारतीय सैनिकों को रूस ने स्टार अवार्ड से सम्मानित किया था. आर्मी सर्विस कोर (एएसी) के इन दोनों सैनिकों ने युद्ध के दौरान रूसी सैनिकों की मदद की थी.

कार्यक्रम के दौरान रूस के डिफेंस अटैचे (डीए), कैप्टन (नेवी) कोंस्टनटाइन एल जाडोरिन ने कहा कि अफगानिस्तान में उत्पन हालात और आतंकी-खतरें मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है. लेकिन भारत‌ और रूस के जिस तरह से ऐतिहासिक सैन्य संबंध रहे हैं उससे ना केवल पूरे विश्व में बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी.

इस दौरान लेफ्टिनेंटज जनरल मोहंती ने भारत और रूस के आजादी के बाद से ही संबंध और खास तौर से सैन्य सहयोग को लेकर विस्तृत जानकारी दी.

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