कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा में 10 लोगों की मौत हो गई व 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मतदान के अंतिम घंटों में करीब 5 बजे तक 73 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि वोटिंग के अंतिम घंटों में 73 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। हालांकि यह संख्या ऊपर जा सकती है, क्योंकि पांच बजे तक राज्यभर में 4.5 लाख मतदाता कतारों में ही खड़े थे।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव नीलांजन शांडिल्य ने कहा, “हमें अभी तक छह लोगों की मौत की टेलीफोनिक शिकायतें मिली हैं। हम लिखित पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।”

पुलिस ने कहा कि नदिया जिले में मतदान केंद्र के भीतर जाने का प्रयास कर रहे एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई, जबकि तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की दक्षिण 24 परगना जिले के कुलटली में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का कहना है कि उसके तीन कार्यकर्ताओं की उत्तर 24 परगना के अमडंगा में बम हमलों में मौत हो गई।

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मुर्शिदाबाद जिले में तीन की मौत हो गई, जबकि पूर्व मिदनापुर के नंदीग्राम में दो की मौत हो गई। दो लोगों की नदिया व उत्तर दिनाजपुर जिले में मौत हो गई।

नदिया जिले के पुलिस महानिरीक्षक संतोष पांडे ने आईएएनएस को बताया, “नदिया जिले के शांतिपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने तीन युवाओं की पिटाई की। पुलिस ने उन्हें बचाया और स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। इनमें से एक संजित प्रामाणिक की मौत हो गई।”

कुलटली पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आरिफ अली गजी को मतदान केंद्र से बाहर निकलते समय छाती में गोली मारी गई।”

माकपा के उत्तर 24 परगना के नेताओं का कहना है कि कच्चे बम के हमले में उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

अमडंगा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, “हमने इस घटना के बारे में सुना है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।”

पुलिस सूत्रों ने कहा कि दो लोगों को पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम में गोली मार दी गई। माकपा ने दोनों मृतकों को अपना पार्टी कार्यकर्ता बताया है।

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मुर्शिदाबाद के नओदा इलाके में करीब सात लोग गोलियों से जख्मी हुए हैं, इसमें से एक की मौत हो गई है। बाकी के सभी लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इससे पहले राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए सुबह सात बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। इस त्रिस्तरीय चुनाव में पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद के चुनाव हैं। इसमें 38,616 उम्मीदवार चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं।

दिन के चढ़ने के साथ संघर्ष, बूथ पर कब्जा करने, मतदाता पेटियों के तोड़-फोड़ की खबरें दक्षिण व उत्तर परगना, उत्तरी दिनाजपुर, नदिया, पश्चिमी मिदनापुर व कूच बिहार के जिलों से आईं।

कई जगहों पर बदूकधारी बदमाशों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले किए। इसमें दो पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में अनुमान जताया गया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन चुनाव में वाममोर्चा और कांग्रेस को पीछे छोड़ देगी और तृणमूल के समक्ष मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी के तौर पर उभरकर सामने आएगी।

दक्षिण 24 परगना के भांगर, जोमि, जीविका, वास्तुतंत्रा ओपोरिबेश रक्षा समिति ने तृणमूल कांग्रेस के हथियारबंद गुंडों पर पंचायत समिति के उम्मीदवार सरिफुल मल्लिक के अपहरण व मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया।

समिति ने आरोप लगाया कि उनके उम्मीदवार एंताजुल खान पर तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों ने हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें कोलकाता के आर.जी.कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उत्तर बंगाल के कूच बिहार में मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने भारतीय जनता पार्टी के पोलिंग एजेंट को थप्पड़ जड़ दिया और मतदान परिसर से बाहर जाने को मजबूर किया। इसे लेकर एसईसी ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।

हालांकि, मंत्री ने सभी आरोपों से इनकार किया है और भाजपा एजेंट पर मतदान पेटी के साथ भागने का आरोप लगाया।

पूर्वी मिदनापुर जिले के पंसकुरा और पश्चिम मिदनापुर जिले के केशपुर में भी हिंसा हुई, जहां मतदान केंद्रों के बाहर बंदूकधारी गुंडे जमा हुए और मतदाताओं को पीटा।

राज्यभर से चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने कई प्रयासों की खबरें आईं। इसमें गुंडों के मतदान पेटी में पानी डालने या उसमें आग लगाने की घटनाएं रहीं।

आंकड़ों से पता चलता है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुल 58,692 सीटों में से 20,076 सीटों पर पहले ही निर्विरोध उम्मीदवार चुन लिए गए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग से निर्विरोध जीतने वाले उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट जारी नहीं करने को कहा है।