लखनऊ. यूपी में कोरोना संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिदिन औसतन 100 मरीज सामने आ रहे हैं। मंगलवार को कुल संक्रमितों की संख्या 2043 पहुंच गई है, इनमें 1612 एक्टिव केस हैं। आखिरी के एक हजार मामले केवल नौ दिनों में ही सामने आए हैं।

कोरोना मुक्त घोषित हो चुके पीलीभीत जिले से भी दोबारा कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आया है। वहीं अब गोरखपुर और झांसी भी कोरोना प्रभावित जिलों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं। जिसके साथ ही अब कुल प्रभावित जिलों की संख्या 60 हो गई है।

वहीं छह जिले संक्रमित मरीजों के मामले में शतक लगा चुके हैं। यूपी स्वास्थ्य विभाग की अनुसार 400 लोग डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, वहीं 31 की मौत हो चुकी है। सोमवार का यहां 17 मरीज सामने आए हैं। सीएम योगी ने मंगलवार को बैठक कर इसपर चिंता जताई है व अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं।

यूपी में कोरोना के पहले 1000 मामले 47 दिनों में आए तो वहीं, अगले हजार मामले केवल नौ दिन के भीतर आए हैं। प्रदेश में पहला कोरोना पॉजिटिव मामला चार मार्च को आगरा में सामने आया था, जिसमें एक ही परिवार के कई लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। तो वहीं 19 अप्रैल को यह संख्या हजार पार कर गई है। उस दिन यूपी में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1017 हो गई थी।

वहीं मंगलवार 28 अप्रौल को कुल कोरोना पॉजिटिव मामले 2043 हो गए। हालांकि प्रदेश में लगातार ब्लड टेस्ट की संख्या में इजाफा इसके पीछे बड़ा कारण हैं। प्रदेश में प्रतिदिन तीन हजार से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। जिसमें अधिकतर लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।

प्रदेश के फिरोजाबाद में भी अब मरीजों की संख्या 100 हो गई है। यहां सोमवार को 17 नए मरीज सामने आए हैं। वहीं कानपुर में भी तेजी से संक्रमण फैल रहा है। 203 मामलों के साथ कानपुर अब लखनऊ के आगे निकलते हुए दूसरे स्थान पर आ गया है। राजधानी लखनऊ में अब तक 201 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।

आगरा में 398 मामले हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण के मामले में आगरा प्रदेश में पहले और देश भर में 11वें स्थान पर पहुंच गया है। नोएडा, सहारनपुर, मुरादाबाद में पहले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या 100 पार जा चुकी है।

सीएम योगी ने मंगलवार को बैठक में कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में केवल स्वास्थ्य, सफाई तथा होम डिलीवरी से जुड़े कर्मी ही जाएं। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सभी घरों को सैनिटाइज किया जाए।

सीएम योगी ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं पुलिस द्वारा नियमित तौर पर पेट्रोलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रीन जोन तथा ओरेंज जोन में अनुमन्य की जाने वाली गतिविधियों के लिए एक कार्य योजना बनाई जाए। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को मास्क आदि के निर्माण कार्य से जोड़ा जाए।

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