लखनऊ. द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि बाबरी विध्वंस जैसा अपने देश में कहीं कुछ हुआ ही नहीं. अयोध्या में 1992 में कोई मस्जिद नहीं गिराई गई. दरअसल वहां कभी कोई मस्जिद थी ही नहीं. अयोध्या में जिस इमारत को ढहाया गया, वह मंदिर था. .

उन्होंने कहा, वहां राम मंदिर था और वहां दोबारा राम मंदिर बनेगा. इंतजार तो सिर्फ कोर्ट के स्टे ऑर्डर के खत्म होने का है. अभी कोर्ट में रामजन्म भूमि मामले में सुनवाई चल रही है. सुनवाई खत्म होने के बाद इस पर काम किया जाएगा.

शंकराचार्य ने देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इस वक्त देश के सामने भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या है. जब कोई थाने में एफआईआर तक दर्ज कराने जाता है, तो पहले पुलिस को घूस देनी होती है. चुनावों में राजनेता इफरात खर्च करते हैं. ग्राम प्रधान से प्रधानमंत्री तक के चुनावों में खर्च की कोई सीमा नहीं है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं जब कभी भी प्रधानमंत्री मोदी या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ कुछ भी बोलता हूं तो मुझे कांग्रेसी कह दिया जाता है. मैं कांग्रेसी था, जब आजादी का आंदोलन चल रहा था. तब अकेले कांग्रेस ही लड़ रही थी. अब मैं सिर्फ एक धार्मिक व्यकि्त हूं. मैं शंकराचार्य हूं और मेरा कर्तव्य सनातन धर्म की रक्षा करना है.

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