बिहार में बुधवार को चले रहे राजनीतिक उठापटक के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने अशोक चौधरी समेत चार एमएसली को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. कांग्रेस से नाता टूटने के बाद सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड में शामिल भी हो गए.

बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने इसका ऐलान किया. अशोक चौधरी के प्रेस कांफ्रेस के पहले कांग्रेस ने इन चारों बागी एमएलसी को पार्टी से बाहर निकाल दिया. चौधरी ने विधान पार्षद रामचन्द्र भारती, दिलीप चौधरी और तनवीर अख्तर के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस में पिछले छह माह से उनके साथ अपमानजनक व्यवहार हो रहा था जिसके कारण उनके साथ तीन अन्य विधान पार्षदों ने पार्टी छोडऩे और जदयू में शामिल होने का फैसला लिया है.

प्रेस कांफ्रेंस में अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की और उन्हे रोल मॉडल बताया. अशोक चौधरी ने कहा कि हम लोगों ने नीतीश कुमार से जदयू में शामिल होने का आग्रह किया था और उन्होंने इसे मान लिया है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है और कहा कि मैंने खून पसीना से पार्टी को एक मुकाम पर पहुंचाया लेकिन एक व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी ने उन्हें अपमानित किया है.

प्रेस कांफ्रेंस में अशोक चौधरी के साथ एमएलसी दिलीप चौधरी, तनवीर अख्तर और रामचंद्र भारती भी मौजूद थे. इन सभी ने जदयू का दामन थाम लिया है. परिषद और राज्यसभा के साथ उपचुनाव के पहले कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है.

गौरतलब है कि विधान परिषद् में कांग्रेस के कुल छह सदस्य थे. इनमें से चार विधान पार्षदों के जदयू में शामिल हो जाने के बाद अब मदन मोहन झा और राजेश राम ही कांग्रेस के दो सदस्य रह गए हैं.

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