चैत्र नवरात्रि 2018 पूजा विधि: ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा, सारी मनोकामना हो जाएगी पूरी

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नवरात्रि हिन्दुओं का प्रसिद्ध त्योहार है. इस पर्व को पूरे भारत में मनाया जाता है. नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. शास्त्रों के मुताबिक सबसे पहले भगवान रामचंद्र ने समुंद्र के किनारे नौ दिन तक दुर्गा मां का पूजन किया था और इसके बाद लंका की ओर बढ़े थे.

जिसके बाद उन्होंने युद्ध में विजय भी प्राप्त की थी. पुराणों में नवरात्रों की महिमा का बहुत गुणगान मिलता है. स्वयं ब्रह्मदेव ने मां के नवरात्रों की महिमा बृहस्पति देव को बताते हुए उस ब्राह्मण पुत्री के बारे में कथा सुनाई जिसने सबसे पहले देवी दुर्गा के नवरात्र का उपवास रखा था. नवरात्रों में घर में पूजा से पहले सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है. माना जाता है नवरात्र के दिनों में दुर्गा मां कैलाश छोड़कर धरती पर अपने भक्तों के साथ रहती हैं. साल 2018 में चैत्र नवरात्रि 18 मार्च को शुरू हो चुके हैं और 25 मार्च तक रहेंगे.

इस तरह करें पूजा – घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद मां दुर्गा की एक प्रतिमा स्थापित करें. प्रतिमा के ऊपर फूलों की माला डालें. इसके बाद हल्दी, सिंदूर, लाल फूल, बेलपत्र और पीले चावल चढ़ाएं. अब किसी साफ बर्तन में अच्छी जगह की मिट्टी डालें. उस मिट्टी से भरे बर्तन में जौ के बीज डालें.

अब आप कलश स्थापना करें. अब उस कलश में सिक्के, कशेली और उसके ऊपर आम के पत्ते डाल दें. इसके बाद मिट्टी से बनी प्लेट से कलश के ढक दें. उस प्लेट पर जौं या धान रखें. अब एक सूखे नारियल के ऊपर लाल कपड़े लपेंटे और उसे इसके ऊपर रखें. साथ ही कलश के नीचे दिया जलाएं, ध्यान रहे दिपक के नीचे थोड़े से रंगे हुए पीले चावल जरूर डाल दें.

कलश के मुंह के ऊपर लाल धागे (मौली) को लपेटें. अब आप नौं दिन तक उस कलश को मां के मूर्ति के सामने रहने दें. अब वहां गंगाजल छिड़कें. अब आप एक अखंड दीप जलाएं जो पूरे नौ दिन तक और रात जलने चाहिए. मां के सामने मिठाई, फल, और घर का बना नवरात्र का व्यंजन रखें. इसके अलावा, मां के सामने देवी स्तुति और दुर्गा कवच पढ़े. बाद में पान के पत्ते पर कपूर डालकर मां दुर्गा की आरती करें. मां को भोग लगाए हुए प्रसाद को घर के सभी लोगों को खिलाएं.

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