भारत बंद के दौरान उपद्रव, कई लोगों की मौत

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नई दिल्ली: एससी/एसटी एक्ट (अत्याचार निवारण) में सुप्रीम कोर्ट के बदलाव के फैसले के विरोध में 2 अप्रैल को दलित संगठनों के भारत बंद के चलते कल कई राज्यों में प्रदर्शन हिंसक हो गया. विरोध में दलित संगठनों के राष्ट्रव्यापी बंद के चलते कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ जबकि कई जगह प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया. प्रदर्शनों के दौरान 10 राज्य जल उठे और पूरे देश से 11 लोगों की मौत हो गई.

मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा 6 लोगों ने अपनी जान गंवाई वहीं यूपी से 3 और राजस्थान से एक की मौत हो गई. इस हिंसक प्रदर्शन के बाद केंद्र ने हिंसा वाले राज्यों से रिपोर्ट मांगी है. साथ ही आज एहतियात बरतते हुए कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज को बंद रखने के आदेश दिये गए हैं.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं. आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, झारखंड व महाराष्ट्र रहे. मध्य प्रदेश के ग्वालियर और भिंड में दो-दो एवं मुरैना व डबरा में एक-एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ और फिरोजाबाद में एक-एक तथा राजस्थान के अलवर में एक व्यक्ति की मौत हो गई. बिहार के हाजीपुर और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आंदोलनकारियों ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया जिसके चलते एक नवजात और एक मरीज ने दम तोड़ दिया. कई राज्यों में परिवहन एवं संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप रही. लगभग 100 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा.

आंदोलनकारियों ने जगह जगह पर बड़ी संख्या में वाहनों को आग के हवाले कर दिया. हालात बेकाबू होता देख ग्वालियर, मुरैना और भिंड के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और सेना बुला ली गई है. राजस्थान के सवाईमाधोपुर गंगापुर सिटी में भी हिंसा के बाद कर्फ्यू लगाया गया है.

केंद्र ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए दंगा-रोधी 800 पुलिस जवानों को तैनात किया है. रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो कंपनियां मेरठ और एक-एक कंपनी आगरा तथा हापुड़ में भेजी गई है. मध्य प्रदेश के डबरा में हिंसक भीड़ थाने में घुस गई और एडिशनल एसपी राजेश त्रिपाठी को पीटा. आंदोलन में भड़की हिंसा के बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है. बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ जगहों पर फायरिंग किए जाने की भी सूचना है.

राजस्थान में अतिरिक्त बलों की 25-30 कंपनियां भेजी गई हैं. बाड़मेर, जालौर, सीकर और अहोर में हिंसक घटनाओं के मद्देनजर धारा 144 लगा दी गई है. कुछ राज्यों में जहां शिक्षण संस्थान और इंटरनेट व मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गईं. मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब में आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं.

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