Exclusive: ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग, ‘ऑपरेशन फफूंद’ में खोला गया कालाबाजारी करने वालों का राज

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बाद अब ब्लैक फंगस ने कहर मचाया हुआ है. देश पर आए इस सबसे बड़े संकट में कुछ लोग मरीजों के परिवार वालों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं. इस हकीकत को सामने लाने के लिए एबीपी न्यूज़ ने स्टिंग ऑपरेशन कर उन चेहरों को बेनकाब किया है जो आपदा में भी कमाई का रास्ता खोज चुके हैं. 

अपनी इस कोशिश में सबसे पहले एबीपी न्यूज़ की टीम ने ऐसे शख्स की तलाश शुरू की जो ब्लैक फंगस के इंजेक्शन को उपलब्ध करा सके. आखिरकार एक नंबर हाथ लगा. एबीपी न्यूज़ की टीम ने मरीज का परिजन बनकर उस नंबर पर एक शख्स से बात की और फौरन इंजेक्शन की जरूरत की बात बताई. फोन पर मौजूद शख्स ने एबीपी न्यूज़ की टीम को मिलने के लिए जसोला बुला लिया.

इस शख्स ने एबीपी न्यूज़ की टीम को अपना नाम रफी बताया. हमने उन इंजेक्शन के नाम बताए जो हमें चाहिए थे. इस पर रफी नाम के इस शख्स ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, सारे इंजेक्शन मिल जाएंगे. 

रफी ने ये पता करने के बाद कि सभी दवाइयां उपलब्ध हैं और ग्राहक जो उसके पास खरीदने के लिए आए हैं, वो बिल्कुल ठीक हैं. उसने दूसरे शख्स को हमारे पास बुलाया और इन दोनों ने ग्राहक बनकर पहुंची एबीपी न्यूज़ की टीम को 50 फीसदी एडवांस पेमेंट करने के लिए कहा. हालांकि एबीपी न्यूज़ की टीम इस बात पर अड़ी रही कि 50 फीसदी पेमेंट ही तभी करेंगे जब इंजेक्शन सामने दिखेगा. 

इसके बाद रफी को एबीपी न्यूज़ की टीम पर पूरा यकीन हो गया. बातचीत में रफी ने बताया कि वह सेवा फाउंडेशन से जुड़ा है जो कि महामारी जैसी सिचुएशन में लोगों की मदद करती है. इसके अलावा उसने यह भी बताया कि वह BSES के RND डिपार्टमेंट में काम करता है.

काफी बातचीत के बाद उसने एबीपी न्यूज़ की टीम को जरूरी इंजेक्शन की कीमत बताई

  • LIPOSOMAL Amphotericin B Injection जिसकी MRP 7814 रुपये है, उसके लिए 42 हजार रुपये चुकाने को बोला गया.
  • Amphotin Amphotericin B जिसकी कीमत करीब 300 रुपये की है, उसके लिए 26 हजार रुपये चुकाने को कहा गया.
  • Casfung Caspofungin 70MG  Injection जिसकी MRP 4379 रुपये है, उसके लिए 32 हजार रुपये चुकाने को बोला गया.

दवाइयों की यह कीमत सुनने के बाद पैसों का इंतजाम करने का बहाना कर एबीपी टीम वहां से चली आई. लेकिन जो फाइनल कीमत इंजेक्शन के लिए बताई गई, उसे जानकर समझा जा सकता है कि इंसानों के चेहरों के पीछे किस तरह मजबूर लोगों को नोचने के लिए गिद्ध छुपे हुए हैं.

नोट: एबीपी न्यूज का काला बाजारी को बढ़ावा देने का कोई इरादा नहीं है ना ही अपराध में हिस्सेदारी देने है. इसलिए आपके सामने सच लाने के लिए स्टिंग किया जरूर गया लेकिन किसी भी इंजेक्शन को हमारी टीम द्वारा खरीदा नही गया. एबीपी न्यूज इस तरह के किसी भी अपराध के सख़्त खिलाफ है.

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