इस मेडिकल कॉलेज में कटे पैर का तकिया बनाया जाता है

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झांसी: रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे जान आप हैरान रह जाएंगे. असल में, लहचूरा के ग्राम इटायल निवासी घनश्याम राजपूत स्कूल बस में क्लीनर के रुप में काम करता था, जब कल सुबह बच्चों को स्कूल छोडऩे जा रहा था तो ग्राम बम्हौरी के आगे ड्राइवर से बस संभल नहीं पाई और बस पलट गयी, जिससे घनश्याम के दोनों पैर कुचल गये और चार छात्राओं को मामूली चोटें आईं.

फोटो को सोशल मीडिया और निजी चैनलों पर वायरल कर दिया-

पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच छात्राओं को क्लीनर समेत मऊरानीपुर के स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर क्लीनर को मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया. वहीं परिवारजन ने देखा ऑपरेशन के बाद मरीज का पैर उसके सिरहाने पर तकिए के रूप में रखा है तो उन लोगों ने इस अमानवीयता का फोटो सोशल मीडिया और निजी चैनलों पर वायरल कर दिया.

डॉ.प्रवीन सरावली को चार्जशीट जारी करने का आदेश

सोशल मीडिया पर बढ़ते मामले को देखकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मेडिकल कॉलेज में कंसल्टेंट ऑन कॉल डॉ.प्रवीन सरावली को चार्जशीट जारी करने का आदेश दिया है, जबकि इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ.एमपी सिंह, सीनियर रेजीडेंट डॉ.आलोक अग्रवाल, सिस्टर इंचार्ज दीपा नारंग व नर्स शशि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है.

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने झांसी के पूर्व प्राचार्य डॉ.नरेंद्र सेंगर की अध्यक्षता में चार सीनियर डॉक्टरों को शामिल कर जांच समिति गठित कर दी है. वहीं, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. साधना कौशिक कि माने तो किसी अज्ञात व्यक्ति ने ये काम मेडिकल कालेज की छवि को हानि पहुंचाने के लिए करा है

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