भारत संचार निगम लिमिटेड मौजूदा मोबाइल नंबर को 10 के बजाय 13 डिजिट का करने जा रही है. सरकारी दूरसंचार कंपनी द्वारा स्टेकहोल्डर्स को लिखे पत्र से इस मामले पर स्थिति स्पष्ट हुई है.

इसमें बीएसएनएल ने बताया कि कंपनी M2M या मशीन-टू-मशीन M2M कम्यूनिकेशन के लिए 13 डिजिट के नंबरों का इस्तेमाल करेगी. इसका आम आदमी के मोबाइल नंबर से कोई लेनादेना नहीं है. बीएसएनएल ने सभी स्टेकहोल्डर्स को 1 जुलाई से पहले इसके अनुरूप अपने सिस्टम को एडजस्ट करने की सलाह दी है.

मौजूदा 10 डिजिट के M2M नंबर से 13 डिजिट में लाने की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी. M2M कम्यूनिकेशन की नई व्यवस्था को 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. दूरसंचार विभाग के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है. दूरसंचार कंपनियों को इसके अनुसार ही बदलाव करने होंगे.

M2M कम्यूनिकेशन में बदलाव से बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. M2M कम्यूनिकेशन के तहत नेटवर्क डिवाइस के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान होता है. इसके आधार पर ही किसी तरह के कदम उठाए जाते हैं.

बता दें कि M2M कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल आमतौर पर वेयरहाउस मैनेजमेंट, रोबोटिक्स, ट्रैफिक कंट्रोल, लॉजिस्टिक्स सर्विसेज, सप्लाई मैनेजमेंट, रीमोट कंट्रोल आदि में किया जाता है. इसके अलावा इंटरनेट के क्षेत्र में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

बीएसएनएल ने जेडटीई टेलीकॉम इंडिया लिमिटेड और नोकिया सॉल्यूशंस एंड नेटवर्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को पत्र के जरिये M2M कम्यूनिकेशन में बदलाव की जानकारी दी गई है.