मनमानी फीस नहीं ले पा रहे तो निजी स्कूल ने शुरू किया विरोध, आज रहेंगे बंद

90

लखनऊ: मनमानी फीस वसूलने को लेकर योगी सरकार ने एक्शन में हैं और निजी स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया. तो वहीं निजी स्कूल भी अब तल्ख तेवर के साथ सरकार की इस कार्रवाई और फैसले का विरोध करने में लग गये है.

प्राइवेट स्कूहल ने भी अपने तेवर दिखा दिए. सरकार के दखल के खिलाफ लखनऊ शहर के 65 निजी और मिशनरी स्कूल 7 अप्रैल को बंद रहेंगे. निजी स्कूलों पर बढ़ते सरकारी नियंत्रण, राइट टु एजुकेशन के गलत क्रियान्वयन और स्कूल कर्मियों की ढीली सुरक्षा व्यवस्था के विरोध किया है.

इसके विरोध में अनएडेड प्राइवेट स्कूल असोसिएशन ने निजी स्कूलों को बंद रखने का एलान किया है. वहीं दिल्ली के रामलीला मैदान में कई स्कूली संगठन प्रदर्शन भी करेंगे. असोसिएशन की सदस्य गीता गांधी ने बताया कि राइट टु एजुकेशन के तहत स्कूलों में भेजे जा रहे 80% से अधिक बच्चे इसके पात्र नहीं है.

एक्ट में लिखा है कि 6 से 14 साल के बच्चों को दाखिला दिया जाए, जबकि प्रदेश सरकार इससे कम उम्र के बच्चों को भेजती है. साथ ही फीस के तौर पर 450 रु/ प्रति माह प्रति बच्चे के हिसाब से दिए जाते हैं. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर सरकार कितना खर्च करती है वह इसका ऑडिट नहीं करवाती.

नियम के तहत स्कूल की फीस और सरकारी खर्च में जो कम है वह दिया जाना चाहिए. इस फैसले के लागू होने के बाद स्कूल अभिभावकों को किसी एक दुकान से कॉपी-किताब या बैग खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे.

5 साल से पहले स्कूल की ड्रेस नहीं बदली जा सकेगी. फिर भी अगर बेहद जरूरी है तो इसका फैसला मंडलायुक्त करेंगे. स्कूलों में व्यवसायिक गतिविधियां, जैसे गेस्ट हाउस, दुकानें चला रहे स्कूलों पर नियंत्रण किया जायेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here