देहरादून: भारतीय रेल ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर सबसे लंबी सुरंग बनने जा रही है. ये 200 मीटर से लेकर 15.1 किमी लंबी होगी. देश की सबसे लंबी रेल सुरंग सौद से जनासू के बीच बनायी जाएगी. अब तक बनिहाल से श्रीनगर कश्मीर तक सबसे लंबी रेल सुरंग बनी है, जो 10 किमी लंबी है.

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस सुरंग के बारे में बताया गया-

श्रीनगर गढ़वाल में शुरू हुए राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस सुरंग के बारे में बताया गया. रेल विकास निगम के इंजीनियर प्रफुल्ल रमोला और लोकेश पुण्डीर ने स्टाल लगाकर लोगों को जानकारी ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना 200 मीटर से लेकर 15.1 किमी लंबी होगी

ये देश की पहली रेल लाइन है जो 17 सुरंगों से गुजरेगी. उन्होंने बताया कि रेल लाइन ऋषिकेश से शिवपुरी तक 10.85 किमी लम्बी होगी. आखिर में टनल गौचर से कर्णप्रयाग के सिवाई में 6.27 किमी लम्बी होगी. ये रेल लाइन देवप्रयाग सौड़ से जनासू तक 15.1 किमी लंबी सुरंग से होकर गुजरेगी.

अति आधुनिक मशीनों से होगा इस सुरंग का निर्माण-

इन सुरंगों का काम अति आधुनिक मशीनों से बनाने पर फिलहाल रेल विभाग विचार कर रहा है. ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन नैथाणा से अलकनंदा नदी पर बने पुल के ऊपर से गुजरते हुए जीआइटीआई के मैदान से गुजरेगी. जहां रेलवे लाइन जमीन के ऊपर ही रहेगी.

इसके बाद रेल लाइन संयुक्त अस्पताल से लेकर डुंगरीपंथ बनने वाली 9 किमी लंबी टनल से गुजरेगी. इंजीनियर लोकेश पुंडीर ने कहा कि रेल लाइन निर्माण को लेकर निकलने वाले मलबे के लिए 31 यार्ड चिह्नित किए गए हैं. परियोजना पर इसी वर्ष जून में काम शुरू होने की उम्मीद है. इस काम को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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