बिहार का मुजफ्फरपुर जिला. जिले में एक जगह है, नाम है सकरा. सकरा थाना के सामने एक निजी नर्सिंग होम में एक महिला को सात दिनों तक भर्ती रखा गया . बिमारी बताई गई, ट्यूमर की. जिसका ऑपरेशन करना था. लेकिन यहां के डॉक्टरों ने महिला का ट्यूमर निकालने के बजाय उसकी बच्चेदानी निकाल दी, और दवा देकर घर भेज दिया. ये ऑपरेशन जिस डॉक्टर ने किया था .उसका नाम है डॉ. पीएन सिंह.

कुछ दिनों के बाद महिला के पेट में दर्द उठने लगा. जिससे परेशान होकर उसने अपना इलाज कराने दिल्ली पहुंच गई. उसे वहां पता चला कि उसका ट्यूमर निकालने के बजाय उसकी बच्चेदानी निकाल दी गई है.

इसके बाद पूरे परिवार वाले आनन-फानन में दिल्ली से सकरा पहुंचे. और इसके बारे में सवाल करने लगे. पहले तो डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार कर निकाल दिया लेकिन परिवार वालों का हंगामा देखते हुए नर्सिंग होम के चिकित्सक सुधीर कुमार ने माफी मांगी और अपनी गलती स्वीकार की. और मरीज के हंगामे को सही ठहराते हुए पैसे लौटने की बात कहने लगे.

पीड़ित महिला के पिता बैद्यनाथ साह डॉक्टरों की इस लापरवाही को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे है. उन्होंने कहा कि अब मेरी बेटी कभी मां नहीं बन पाएगी. डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से अब हमारी बेटी की जिंदगी में अंधेरा ही अंधेरा छा गया है.

 

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