नीली बत्ती के साथ धरे गए दो फर्जी RTO

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गाजियाबाद: इंदिरापुरम पुलिस ने अनिल और महेश नाम के दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ट्रक वालों से आरटीओ अधिकारी बन कर उगाही करते थे. इसके लिए यह लोग एक बोलेरो गाड़ी का इस्तेमाल करते थे, जिस पर नीली बत्ती लगाई हुई थी और भारत सरकार का स्टीकर भी लगाया हुआ था. पुलिस ने बोलेरो को कब्जे में ले लिया है. साथ ही इनसे नीली बत्ती, आईफोन, एटीएम और क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं.

सीओ इंदिरापुरम धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि चेकिंग के दौरान दोनों को पकड़ा गया. पकड़े गए आरोपितों की पहचान झंडापुर निवासी अनिल(सरगना) और लिंक रोड निवासी महेश के रूप में हुई है. दोनों करीब दो साल से लोगों से उगाही कर रहे थे और लाखों वसूल चुके थे.

पुलिस पूछताछ में अनिल ने बताया कि वह पहले सेल्स टैक्स और वन विभाग में संविदा पर काम करता था. उसने अपनी गाड़ी दोनों विभागों में कॉन्ट्रेक्ट पर लगाई हुई थी. इस वजह से उस पर प्रदेश सरकार का स्टिकर लगा हुआ था. अनिल पुलिस होमगार्ड की वर्दी पहन कर रास्ते से गुजर रहे वाहनों को रोकता था. वाहन रुकने पर वह उसके कागज लेकर सड़क किनारे बोलेरो में बैठे महेश (फर्जी आरटीओ) के पास ले जाता था. वाहन के कागज देखकर महेश उन्हें फर्जी बताता था. इस दौरान चालान काटने की धमकी देकर वाहन चालक से रुपये वसूलते थे.

किसी को शक न हो इसके लिए महेश खुद को आरटीओ दिखाने की पूरी कोशिश करता था. हमेशा बोलेरो के डैश बोर्ड पर आईफोन रखा होता था. वह चश्मा लगा कर करीब 5 मिनट तक वाहन चालकों के सभी कागजों की जांच करता था. इसके बाद ही वह पूरे कॉन्फिडेंस के साथ वह कागजों को फर्जी बताता था. जांच के दौरान वह कथित होमगार्ड अनिल से पीने के लिए पानी मांगता था. इसके बाद अनिल उसे पानी की बॉटल देता था.

आरटीओ अजय त्रिपाठी ने बताया कि नीली बत्ती पर देशभर में पूरी तरह से रोक लगी हुई है. एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी पर भी सिर्फ ब्लिंकर का ही इस्तेमाल किया जा सकता है. हैरानी की बात है कि इसके बावजूद गाजियाबाद में इनकी गाड़ी नीली बत्ती लगाकर अवैध उगाही करती रही और न तो पुलिस और न ही आरटीओ की नजर इस पर पड़ी.

रात के समय अनिल अपनी इस Bolero गाड़ी को लेकर रोड पर खड़ा हो जाता था. वह अपने साथ महेश को रखता था. और महेश को होमगार्ड की वर्दी पहना दिया करता था . इसके बाद इलाकों से गुजरने वाले ट्रकों को रोककर उनसे कहा जाता था, कि तुम्हारे कागज पूरे नहीं है. अगर एंट्री करनी है, तो पैसे देने होंगे. ट्रकों से अवैध उगाही करके यह फर्जी आरटीओ पिछले लंबे समय से सरकार और पुलिस को चकमा दे रहे थे.

पुलिस के मुताबिक लंबे समय से इनका यह गोरखधंधा चल रहा था. पुलिस को इसकी सूचना भी मिली थी और इंदिरापुरम के नीति खंड इलाके से इन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया. लिहाजा उसे यह Idea वहीं से आया था. हालांकि अक्षय कुमार की फिल्म स्पेशल 26 से भी इन बदमाशों ने Idea लिया था. पुलिस तो शक यकीन के काम में दूसरे साथी भी शामिल हो सकते हैं. जिनकी तलाश की जा रही है.

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