लखनऊ: संगठन और सरकार के लिए मुसीबत का सबब बने योगी सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री और सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर अब राज्यसभा चुनाव में खुलकर भाजपा के साथ रहेंगे.

दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद राजभर मान गए. इससे भाजपा ने राहत की सांस ली है. राजभर ने कई रैलियों में सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के साथ यह एलान किया था कि राज्यसभा चुनाव में वह भाजपा के साथ नहीं रहेंगे क्योंकि भाजपा की ओर से उनसे वोट नहीं मांगा गया. राजभर की पार्टी के चार विधायक हैं, जबकि नवें उम्मीदवार के लिए भाजपा को नौ विधायकों के मत की दरकार है. राजभर के मान जाने से भाजपा की एक बड़ी समस्या हल हो गई है.

राजभर की नाराजगी इस कदर थी कि सोमवार को जब सरकार एक वर्ष पूरे होने पर जश्न मना रही थी तब वह अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में सरकार को फेल साबित करने में जुटे थे. संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना मनाने गए और कई वरिष्ठ नेताओं के फोन के बाद भी वह नहीं गए. इस बीच अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया.

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