एक बार फिर से चरमरा सकती हैं उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं

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देहरादून: प्रदेश के सरकारी डॉक्टर आंदोलन की राह पर हैं, जिस कारण एक बार फिर से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं. पूर्व में अपनी लंबित मांगों के पूरा न होने के कारण प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने 10 अप्रैल से कार्य बहिष्कार का फैसला लिया है.

अपनी लंबित मांगों पर सुनवाई न होने और सीएम से मुलाकात नहीं को लेकर प्रदेश के डॉक्टर गुस्से में हैं. जिसके कारण डॉक्टरों ने 10 अप्रैल से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. प्रदेशभर के डॉक्टर 10 से 12 अप्रैल तक आपातकालीन सेवाएं व पोस्टमार्टम ड्यूटी को छोड़ कर सभी सेवाएं बंद रखेंगे. जबकि, 13 अप्रैल से सभी प्रकार की सेवाओं कार्य बहिष्कार किया जाएगा.

प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ की बैठक में डॉक्टरों ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई. डॉक्टरों का कहना है कि उनके एनपीए, एचआरए, हिल एलाउंस, डीएसीपी की शर्त एवं ट्रांसफर एक्ट पर न तो अभी महानिदेशालय ने शासन को कोई प्रस्ताव भेजा है और न ही शासन ने संघ से इस विषय पर कोई बात की है.

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