रोटोमैक कंपनी के मालिक और उसके बेटे राहुल कोठारी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. कोठारी पर 3700 करोड़ के घोटाला करने का आरोप है. रविवार को सीबीआई ने विक्रम कोठारी के भाई दीपक कोठारी को कानपुर ले जाकर पूछताछ की थी। वहीं राहुल कोठारी और विक्रम कोठारी पर सीबीआई की जांच में सहयोग न करने का आरोप लगा है।

क्या था मामला-

साल 2008 में कोठारी ने 200 करोड़ रुपये का लोन लिया था। साल 2010 में एक बार राहुल ने 520 करोड़ का लोन पास कराया था। लोन लेने का सिलसिला यहीं नहीं थमा, कोठारी आगे भी लोन लेते रहे और 2011 में 585 करोड़, 2012 में 585 करोड़ और 2013 में भी 585 करोड़ का लोन बैंक ने राहुल कोठारी को दिया था। रोटोमैक कंपनी का बैंकों से लोन पास कराने के तरीके भी बहुत अजीब थे। कंपनी ने कभी गेंहूं खरीदने के नाम पर तो कभी एक्सपोर्ट ऑर्डर के बहाने लोन लिया था। लेकिन पैसा का इस्तेमाल किसी और काम में किया जाता था।

सीबीआई की रिपोर्ट की माने तो गेंहूं के लिए लिया गये लोन के पैसों को रायपुर के एक खाते में भेजा गया और वहां से वो पैसा सिंगापुर ट्रांसफर किया गया। विक्रम कोठारी ने बैंकों से लिए पैसे से अपने लिए हीरे खरीदे और लेन-देन के नाम पर अपनी ही दूसरी कंपनियों में क्रञ्जत्रस् के जरिए पैसा भेजा। इस मामले में सीबीआई ने विक्रम कोठारी की पत्नी और बेटे राहुल से भी पूछताछ की। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से सबके पासपोर्ट भी ले लिए हैं।

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