लखनऊ: यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम बदलने का सुझाव दिया है, जिसे मान्यता मिल गई है. अब सभी सरकारी दस्तावेजों में भीमराव अंबेडकर के नाम में रामजी को जोड़ा जाएगा. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बुधवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक राम नाईक काफी समय से सरकार को सुझाव दे रहे थे कि अंबेडकर महाराष्ट्र से ताल्लुकात रखते थे, लेकिन कभी भी उनके नाम के साथ रामजी नहीं जोड़ा गया. राम नाईक ने कहा है कि रामजी ना जोड़कर हम बाबा साहेब का अधूरा नाम लेते आए हैं.

यूपी के सभी राजकीय अभिलेखों में अब बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर का नाम डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा जाएगा. सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि राज्यपाल राम नाईक ने सरकार को संविधान की आठवीं अनुसूची की मूल प्रति के संलग्नक की छाया प्रति भेजी थी जिसमें बाबा साहब ने अपने हस्ताक्षर करते हुए डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा है.

राज्यपाल ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा था कि बाबा साहब का नाम गलत लिखा जा रहा है. इसे सही किया जाए. इसके बाद शासनादेश जारी करके सरकारी अभिलेखों में उनका नाम डॉ. भीम रामजी आंबेडकर लिखने के निर्देश दिए गए हैं.

गौरतलब है कि आगरा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम में अंबेडकर की जगह आंबेडकर लिखने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं.

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